शहीद विजय के पिता से मिले सीएम योगी, बोले-आपके बेटे ने दिया बहुत बड़ा बलिदान

शहीद विजय के पिता से मिले सीएम योगी, बोले-आपके बेटे ने दिया बहुत बड़ा बलिदान

मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर 10.30 बजे शहीद के घर के सामने बने हेलीपैड पर उतरा। हेलीकाप्टर से उतरने के बाद मुख्यमंत्री सीधे शहीद के दरवाजे पहंुचे और शहीद विजय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मुख्यमंत्री शहीद के परिवारीजनों से मिलने चले गए। शहीद के पिता रमायन मौर्य, पत्नी विजयलक्ष्मी व शहीद की बड़ी बहन एक साथ मुख्यमंत्री के पास थी। मुख्यमंत्री ने शहीद के पिता से करीब बीस मिनट तक बात की। उन्होंने शहीद के पिता को ढाढ़स बधाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश आपके साथ खड़ा है।

एक- एक से चुन- चुन कर निपटेगी सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलवामा में आतंकी घटना की चपेट में आए सभी जवानों ने देश के लिए बलिदान किया है। उन जवानों के प्रति पूरे देश में सम्मान का भाव है। जिन लोगों ने भी इस घटना को अंजाम दिया है, सरकार एक- एक को चुन- चुन कर निपटेगी। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए पूरा देश तैयार है तथा यह सामूहिक लड़ाई है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इस घटना को लेकर गंभीर है। प्रधानमंत्री ने भी बार- बार कहा है कि देश के जवानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं होने दिया जाएगा। जो भी लोग इस साजिश का हिस्सा हैं, उनसे निपटने की तैयारी हो रही है। इस मामले में सरकार बहुत सख्त कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद के गांवों के विकास व परिवारीजनों को सुविधाए देने का निर्देश संबंधित जिलों के अधिकारियों को दिया गया है।

शहीद की पत्नी को है मलाल
शहीद की पत्नी विजयलक्ष्मी को मुख्यमंत्री द्वारा उससे बात न करने का मलाल है। सीएम के जाने के बाद विजयलक्ष्मी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री के आने से क्या फायदा। उन्होंने मेरा हाल-चाल नहीं पूछा  और न ही मेरी बेटी का भविष्य क्या होगा, इसके बारे में कोई जानकारी ली।

शहीद की पत्नी और घर वालों ने दिया ज्ञापन
शहीद की पत्नी विजयलक्ष्मी व परिवारवालों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया। इसमें उन लोगों ने विजयलक्ष्मी को राज्य सेवा में योग्यता के अनुसार सम्मानपूर्ण पद पर नियुक्त करने, शहीद को एक करोड़ की आर्थिक सहायता देने, शहीद के पिता को पेट्रोल पंप देने, शहीद की विधवा भाभी दुर्गावती पत्नी स्व कृष्ण कुमार मौर्य को पूर्व माध्यमिक विद्यालय छपिया जयदेव में अनुचर के पद पर नियुक्त करने, शहीद विजय द्वारा बैंक से लिए गए नौ लाख के लोन को माफ करने, शहीद के नाम से स्टेडियम, विजय स्मारक बनवाने, छपिया जयदेव नाम बदलकर शहीद विजयनगर करने की गई है।

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