यूपी में यातायात नियम उल्लंघन पर अभी लगेगा पुराना जुर्माना: परिवहन मंत्री

यातायात नियम तोड़ने पर केंद्र सरकार के जुर्माना की दरों को लेकर उत्तर प्रदेश में भी काफी ऊहापोह की स्थिति है। उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार अशोक कटारिया ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में जुर्माना को लेकर प्रदेश में दरों को लेकर स्थिति साफ की।अशोक कटारिया ने कहा कि प्रदेश में अभी यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की पुरानी दरें ही लागू हैं। ऐसे में सीट बेल्ट न लगाने, हेल्मेट न लगाने जैसी गलती पर पकड़े जाने पर प्रदेश में फिलहाल पुरानी दर से ही शमन शुल्क देय होगा। यातायात पुलिस नई दरों से चालान न करे, इसके लिए सभी को निर्देश दे दिए गए हैं। किंतु यदि वाहन चालक कोर्ट जाता है तो उसे नई दरों के हिसाब से ही शमन शुल्क वहन करना होगा।कानपुर में एक कार्यक्रम में आए परिवहन राज्यमंत्री अशोक कटारिया ने सर्किट हाउस में कहा केंद्र सरकार ने जो अधिनियम बनाया है। वह पूरे देश में उसी दिन से लागू हो गया है, लेकिन प्रदेश सरकार अभी जनहित के अनुसार इस पर विचार कर रही है। जब तक विचार विमर्श चल रहा है, तब तक प्रदेश में यातायात नियमों के उल्लंघन पर शमन शुल्क की पुरानी दरें ही लागू हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने जो अधिनियम बनाया है, वह आमजन की सुरक्षा के लिए है। इसलिए वाहन चालकों को इन नियमों का पालन करना चाहिए। यदि वे नियमों का पालन करते हैं तो उन्हें वैसे ही किसी तरह का जुर्माना नहीं देना पड़ेगा। फिर भी यदि उनसे गलती हो जाती है तो अभी उनसे पुरानी दरों पर ही शमन शुल्क लिया जाएगा।उन्होंने कहा कि कोई भी यातायात पुलिसकर्मी नई दरों से चालान नहीं कर रहा है। यदि वाहन चालक जुर्माना न देकर कोर्ट जाने का निर्णय लेता है तो वहां उस पर नए अधिनियम के अनुसार ही शमन शुल्क आरोपित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन जितना दो पहिया और चार पहिया चालकों पर लागू हैं। उसी कड़ाई के साथ उनका पालन टैक्सी, टेंपो और बसों पर भी लागू है। इसलिए यातायात पुलिस इनके खिलाफ भी उसी तत्परता से कार्रवाई करेगी, ताकि लोगों की जान जोखिम में पड़े।केंद्र सरकार द्वारा मोटर व्हीकल एक्ट में अप्रत्याशित रूप से बढ़ाई गई जुर्माने की दर से ‘अपनी जनता’ को बचाने के लिए राज्य सरकारें एक-एक कर आगे आ रही हैं। भाजपा शासित गुजरात और उत्तराखंड की तर्ज पर उप्र सरकार ने भी इस दिशा में कदम बढ़ा दिया है। जनता को राहत देने के लिए शमन शुल्क की नई दरें तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रदेश के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने बयान जारी कर पुष्टि कर दी कि सरकार नई दरों पर पुनर्विचार कर रही है। उनका कहना है कि सरकार विचार कर रही है कि जनता के हित में शमन शुल्क की दरें क्या निर्धारित की जाएं। दरें कितनी कम की जाएंगी? यह तो उन्होंने नहीं बताया लेकिन, जनता के हित की बात से इशारा मिल चुका है कि शमन शुल्क की दरें कम जरूर की जाएंगी। चूंकि केंद्र सरकार खुद कह चुकी है कि राज्य चाहें तो अपने अनुसार जुर्माना तय कर सकते हैं। रास्ता मिलते ही गुजरात और उत्तराखंड सरकार ने इस ओर कदम बढ़ाया।

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