लखनऊ में इंजीनियरिंग के छात्र लूट रहे थे कैब, बुक करके की थी चालक की हत्‍या-राजफाश

राजधानी पुलिस ने चालक की हत्या कर कैब लूटने वाले गिरोह का राजफाश किया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपित इंजीनियङ्क्षरग के छात्र है। गिरोह बिहार में शराब तस्करों को लूट की लग्जरी गाडिय़ां बेचता था। इन गाडिय़ों से बिहार में शराब तस्करी की जाती थी और पकड़े जाने पर तस्कर वाहन छोड़कर भाग जाते थे। एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक आरोपितों के पास से लूट की दो गाडिय़ां बरामद की गई हैं। आरोपितों ने 15 जुलाई को पॉलीटेक्निक चौराहे से गोरखपुर के बेलिया बड़हलगंज निवासी कैब चालक शुभम पांडेय को फैजाबाद चलने के लिए कहा था और रास्ते में उसकी हत्या कर कार लूट ली थी।मूलरूप से गोरखपुर के शिवपुर सहबाजगंज, जगंल साकिमराम थाना गुलरिया निवासी गाड़ी मालिक यज्ञ कुमार श्रीवास्तव ने 19 जुलाई को सरोजनीनगर थाने में शुभम की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शुभम गोरखपुर से एयरपोर्ट सवारी छोडऩे आया था। 14 जुलाई की देर रात में उसने पत्नी को फोन कर बताया था कि वह वापस घर आ रहा है। अगले दिन घर नहीं पहुंचने पर यज्ञ ने खोजबीन शुरू की तो शुभम का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद सरोजनीनगर थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई।हत्याकांड व लूट की वारदात को छह युवकों ने अंजाम दिया था। इनमें गिरफ्तार किए गए दो इंजीनियङ्क्षरग के छात्र हैं, जबकि एक स्नातक कर चुका है। पकड़े गए आरोपितों में मूलरूप से बलिया जिले के रसड़ा सदौली निवासी रंजन सिंह का बेटा देशराज, गाजीपुर जिले के चांदपुर थाना भांवरकोल निवासी मिल मिश्र और बलेसरी निवासी मिथिलेश पांडेय शामिल हैं। देशराज स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंस कॉलेज में डिप्लोमा द्वितीय वर्ष का छात्र है। वहीं कमल श्रीराम चरन महाराजगंज महाविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई कर रहा है और मिथिलेश रसड़ा पॉलीटेक्निक कॉलेज में डिप्लोमा का छात्र है। फिलहाल बलिया निवासी मोनू यादव तथा मनोज यादव और महाराष्ट्र निवासी शरद सिंह पाटिल फरार हैं।पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि पॉलीटेक्निक चौराहे से उन्होंने शुभम की कैब चार हजार रुपये में फैजाबाद के लिए बुक की थी। देवा रोड से पहले आरोपितों ने सुनसान स्थान पर शौच के बहाने गाड़ी रुकवाई थी और रस्सी से शुभम का गला कसकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को इंदिरा नहर में फेंक कर सुलतानपुर, वाराणसी के रास्ते गाजीपुर में मिथिलेश को गाड़ी बेचने के लिए दे दी थी। आरोपितों ने दो लाख रुपये में बलिया के खजुरी निवासी शराब कारोबारी अतुल सिंह को गाड़ी बेच दी थी और 60 हजार रुपये एडवांस लिए थे। चार अगस्त को आरोपितों ने जब शेष रकम मांगी तो पता चला कि वह कार एक्सीडेंट में पुलिस ने पकड़ी है। भेद खुलने के डर से मोनू और शरद मुंबई भाग गए थे, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।गिरोह ने 26 अगस्त की रात में कैब चालक मोहसिन को पॉलीटेक्निक चौराहे से बहराइच के लिए बुक किया था। इसके बाद रास्ते में मारपीट कर मोहसिन को इंदिरा नहर में फेंक दिया था। मोहसिन ने पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद छानबीन शुरू हुई। पड़ताल में पता चला कि दोनों वारदात इसी गिरोह ने की है। आरोपितों के पास मोहसिन से लूटी गई टीयूवी गाड़ी भी बरामद की गई है। आरोपित वह गाड़ी अंबेडकर नगर में खराब होने पर छोड़कर भाग गए थे।

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