कर्मचारी नेता के तबादले का आयोग ने लिया संज्ञान, मांगी रिपोर्ट

लखनऊ। आईटीआई कर्मचारी संघ के पूर्व प्रान्तीय पदाधिकारी व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के सचिव जयकरन चैधरी के तबादले का मामला अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग पहुंच गया है। आयोग ने प्रमुख सचिव व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग से चैधरी के तबादले पर पुनर्विचार करने को कहा है। जयकरन चौधरी का आरोप है कि उन्होंने अनुदेशकों की वरिष्ठता सूची की गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था, इसी बात से नाराज होकर उनका तबादला दूर दराज में कर दिया गया है।

जयकरन की पत्नी रीता चौधरी प्रधान सहायक भूगर्भ जल विभाग यांत्रिक खण्ड लखनऊ में तैनात हैं। रीता चौधरी ने आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि वह वर्ष 2016 से बीमार चल रही हैं, उनका इलाज राजधानी के जैन हास्पिटल में चल रहा है। रीता ने बताया कि हमारे पति पिछले 22 वर्षों से दूर दराज में तैनात हैं। जिनके तबादले केे लिए हर स्तर पर पत्राचार कर चुकी है। उन्होंने पत्र में लिखा कि उनके पति ने वरिष्ठता सूची का प्रकरण उठाया था। इस मामले में प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। इसी संदर्भ में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में यह केस विचाराधीन है। इसके बावजूद उक्त प्रकरण में अभी तक उनके पति को न्याय तो नहीं मिला बल्कि उनका तथा वरिष्ठता सूची का प्रकरण उठाने वाले कार्मिकों का तबादला दूर दराज में कर दिया गया।

रीता ने बताया कि उनके पति ने निदेशक को पत्र लिखकर स्थानान्तरण की नीति के अनुसार पति-पत्नी को एक शहर में तैनात करने के साथ ही समीपस्थ रा.आई.टी.आई. बहराइच के लिए तबादला करने की प्रार्थना की लेकिन पत्र पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद भी गम्भीर है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की तरफ से सहायक निदेशक तरूण खन्ना ने प्रमुख सचिव व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग से 24 सितम्बर तक रिपोर्ट तलब की है।

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