लखनऊ मेंअब जवानों की फोटो लगाकर हो रही जालसाजी, Cyber ठगों ने की सेना में सेंधमारी

साइबर ठग सेना में भी सेंधमारी कर रहे हैं। उन्होंने बड़े पैमाने पर जवानों की प्रोफाइल और वर्दी पहने फोटो हासिल कर लिए हैं, जिनका प्रयोग ओएलएक्स समेत तमाम एप के जरिए धड़ल्ले से धोखाधड़ी में किया जा रहा है। लोग जवानों की फोटो देखकर आसानी से झांसे में आ जाते हैं। मामले की गंभीरता देख साइबर सेल ने अलर्ट जारी कर दिया है। सेना को भी पूरे मामले से अवगत कराकर सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। पिछले करीब तीन से चार महीने के दौरान लखनऊ समेत अन्य शहरों में ओएलएक्स समेत तमाम शॉ¨पग एप पर जालसाजों का बोलबाला है। लोगों का भरोसा जीतने के लिए वे सेना के जवानों की वर्दी वाली फोटो प्रयोग कर रहे हैं। इसके बाद खुद की पोस्टिंग दूसरे शहर बताकर अपनी बाइक व कार बेचने के विज्ञापन डालते हैं। साथ ही खरीदने से पहले एडवांस में भुगतान भी जमा करवा लेते हैं। अब तक कई थानों पर ऐसे मामले दर्ज हो चुके हैं। जांच में सामने आया सच साइबर सेल ने एप पर पड़ी जानकारी की पड़ताल तो पता चला कि लोगों को सस्ती बाइक और कार बेचने का लालच सुनियोजित तरीके से दिया। इसके लिए जवानों की आइडी का इस्तेमाल किया है। ऐसे बुना ठगी का जाल साइबर सेल के मुताबिक, पहले जालसाजों ने जवानों को वस्तुओं की बिक्री पर सीएसडी कैंटीन की तर्ज पर 30 से 35 प्रतिशत डिस्काउंट देने का पासा फेका। जवानों से उनकी फोटो और पहचान पत्र मंगवाए। इसके बाद इन पहचान पत्र के साथ फोटो लगाकर उसे ओएलएक्स पर पेस्ट किया गया। लोग जवानों की फोटो और उनके पहचान पत्र देख जालसाजों पर यकीन कर बैठे। सोशल मीडिया पर ओएलएक्स एप पर सैन्य अफसर बताकर पारा हंसखेड़ा काशीराम कॉलोनी के युवक से जालसाजों ने 18 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित युवक ने पारा थाने में मामला दर्ज कराया है।हंसखेड़ा काशीराम कॉलोनी निवासी मो. सलमान ने बीती 25 अगस्त को ओएलएक्स एप पर एक बाइक देखी थी। बाइक खरीदने के लिए दिए गए नंबर पर बातचीत की। बाइक के मालिक ने खुद को झांसी निवासी कर्नल जितेंद्र राजपूत बताया। इस पर सलमान ने जितेंद्र के खाते में दो बार में 18430 रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर दिया। आरोप है कि भुगतान करने के बाद भी बाइक नहीं मिली। इस पर जब जितेंद्र ने फोन उठाया तो बाइक और पैसा देने से इन्कार कर दिया। सलमान ने मामला दर्ज कराया है। पुलिस जांच कर रही है।

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