नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा 70 साल में शहरों के अनियोजित विकास से आज की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं

नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने सोमवार को अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि 70 साल में शहरों के अनियोजित विकास के कारण आज केवल स्वास्थ्य संबंधी ही नहीं, सभी विभागों से जुड़ी समस्याएं खड़ी हो गई हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि लोगों ने केवल अपना घर साफ किया, जबकि सरकार ने सड़कों-मुहल्लों को साफ रखने की योजना नहीं बनाई, जिससे दिक्कतें बढ़ती चली गईं।उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पूरे महीने चलने वाले संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम और पखवाड़े भर आयोजित होने वाले दस्तक अभियान की औपचारिक शुरुआत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभागों ने यदि प्लानिंग की होती तो आज यह मुसीबतें न खड़ी होतीं। उन्होंने बताया कि जापानी इंसेफ्लाइटिस से 2017 में 655 मौतें हुई थीं। पिछले साल यह संख्या 248 थी, जबकि इस साल केवल 35 मौतें हैं। इसी तरह एक्यूट इंसेफ्लाइटिस में भी 14 फीसद से अधिक की मृत्यु दर घट कर 6.18 फीसद पर आ गई है।उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में एक से दो हजार तक की आबादी पर एएनएम सेंटरों को वेलनेस सेंटरों में बदलने का काम शुरू हो गया है। संचारी रोग निदेशक डॉ.मिथिलेश चतुर्वेदी ने महीने भर चलने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। इस मौके पर बालागंज के बरावन कला स्थित शहीद अशफाक उल्लाह खां नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी लोकार्पण हुआ। आयोजन में महापौर संयुक्ता भाटिया व स्थानीय विधायक सुरेश कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य मौजूद थे।आयोजन में मौजूद प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने कहाकि अभियान के दौरान झोलाछाप पर शिकंजा कसने के निर्देश सभी सीएमओ को दिए गए हैैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि किसी जिले में झोलाछाप की वजह से केस बिगड़ने की जानकारी मिली तो इसे चिकित्सा सेवाओं का दोष माना जाएगा।प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने लखनऊ की गोमतीनगर और गौतमपल्ली जैसी वीआइपी कॉलोनियों में भी जमा पानी की जांच कर चालान करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदेश भर में अभियान चलाने को कहा।

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