योगी आदित्यनाथ बोले, अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का निर्माण होगा

ANA News

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजादी की 73वीं वर्षगांठ पर विधानभवन द्वार पर झंडारोहण किया। इसके बाद प्रदेश के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर से 370 समाप्त कर “एक भारत श्रेष्ठ भारत” का निर्माण होगा।

इस अभूतपूर्व, ऐतिहासिक एवं साहसिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह का सीएम ने हृदय से अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि आजादी के तत्काल बाद से ही देश इसकी जरूरत महसूस कर रहा था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्वाधीनता दिवस हमारे लिए एक संकल्प दिवस है। इस संकल्प दिवस पर समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाएंगे। साथ ही उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ-साथ भारत की अर्थव्यवस्था को दुनिया की सर्वोत्तम अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के साथ हम सभी जुड़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने पिछले पांच वर्षों में दुनिया में देश की छवि सुधारने के साथ ही नई कार्य संस्कृति को जन्म दिया है। आज हमारा देश विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तर प्रदेश की बड़ी भूमिका है। इसके लिए उत्तर प्रदेश को भी अपनी अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य तय करके उसके लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2018 इंवेस्टर्स समिट में पांच लाख करोड़ रुपए से भी अधिक के निवेश के प्रस्ताव हमें प्राप्त हुए। उत्तर प्रदेश अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है। इस बात को पिछले दो वर्षों के दौरान रिकॉर्ड खाद्यान्न का उत्पादन करके किसानों ने साबित करके भी दिखाया है। दो वर्ष के दौरान प्रदेश के गन्ना किसानों का 72 हजार करोड़ से अधिक की धनराशि का भुगतान करने में प्रदेश सरकार को सफलता प्राप्त हुई है। यह धनराशि 5-7 वर्षों से बकाया थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राज्य में अनेक ऐसे आयोजन सम्पन्न हुए, जिनसे उत्तर प्रदेश की विशिष्ट पहचान और साख बनी है। 15 जनवरी से 4 मार्च, 2019 तक प्रयागराज में कुंभ का सफल आयोजन सम्पन्न हुआ। कुंभ परिक्षेत्र में 72 देशों के राजदूतों ने अपने ध्वज स्थापित किए।

इस आयोजन में संयुक्त राष्ट्र संघ के 193 सदस्य देशों में से 187 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। शताब्दियों बाद पहली बार कुंभ के अवसर पर अक्षयवट और सरस्वती कूप को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला गया।

उन्होंने कहा कि कुंभ दुनिया की एक अद्भुत घटना बने, कुम्भ एक परम्परागत धार्मिक आयोजन तक सीमित न रहे बल्कि कुम्भ का अपना एक संदेश हो और कुम्भ ने स्वच्छता का संदेश भी दिया। प्रयागराज कुंभ के सफलतम आयोजन ने इस को साबित किया है कि अगर उचित मार्गदर्शन और सही नेतृत्व हो तो प्रदेश में बड़े से बड़े संकल्प को पूरा किया जा सकता है।

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