सुप्रीम कोर्ट का आदेश इस बात का सबूत है कि योगी सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के काबिल नहीं- कांग्रेस

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट द्वारा बृहस्पतिवार को उन्नाव बलात्कार कांड से संबंधित सभी पांच मुकदमे दिल्ली स्थानांतरित करने का आदेश देने के बाद कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि यह निर्णय इस बात का सबूत है कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के काबिल नहीं है.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘सुप्रीम कोर्ट का आदेश इस बात का सबूत है कि योगी आदित्यनाथ की सरकार न तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के काबिल है और ना ही अपराधियों को सजा देने के.’’

उन्होंने कहा, ‘‘उन्नाव बलात्कार कांड के सभी मामले दिल्ली स्थानांतरित करने और सीआरपीएफ की सुरक्षा देने का आदेश राज्य सरकार और पुलिस की दुर्भावना को साबित करता है।’’

सुरजेवाला ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि चाहे महिला सुरक्षा हो या चाहे उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था हो, योगी सरकार पूर्णतया विफल साबित हुई है.

उन्होंने कहा, ‘‘पहले बलात्कार जैसा संगीन अपराध हुआ, उसके बाद पुलिस की हिरासत में पीड़िता के पिता की हत्या हुई, उसके बाद रहस्यमयी परिस्थिति में गवाह मर गए. इसके बाद जो सुरक्षाकर्मी पीड़िता की सुरक्षा के लिए लगाए गए थे, वे एकाएक गायब हो गए.’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘पीड़ित परिवार को एक के बाद एक कई धमकियां मिलीं, लेकिन सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया. फिर विपरीत दिशा से आते एक ट्रक ने पीड़िता की कार को टक्कर मार दी.’’

सुरजेवाला ने सवाल किया, ‘‘अगर आदित्यनाथ सरकार दोषी नहीं…., तो कौन दोषी है? सेंगर और उसके गुंडों को संरक्षण किसने दिया? इस बेटी के ऊपर बार-बार हो रहे हमले और धमकियों को नजरअंदाज किसने किया?’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में केन्द्रीय जांच ब्यूरो जिसके पास पहले से ही मामला है, क्या वह भी सही जांच कर पाएगा, मुझे व्यक्तिगत तौर से उस पर भी शक है. उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश संज्ञान लेंगे. उम्मीद है कि इस बेटी को न्याय दिलाने को लेकर सर्वोच्च अदालत कोई निर्णय करेगी.’’

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को उन्नाव बलात्कार कांड से संबंधित सारे पांच मुकदमे उत्तर प्रदेश की अदालत से बाहर दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित करने और साथ ही बलात्कार से संबंधित मुख्य मुकदमे की सुनवाई 45 दिन के भीतर पूरी करने का आदेश दिया.

शीर्ष अदालत ने रायबरेली के निकट हुयी सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी बलात्कार पीड़िता को अंतरिम मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये देने का भी आदेश उत्तर प्रदेश सरकार को दिया.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने इसके अलावा केन्द्रीय जांच ब्यूरो को ट्रक और बलात्कार पीड़िता की कार में हुयी टक्कर से संबंधित पांचवें मामले की जांच सात दिन के भीतर पूरी करने का निर्देश भी दिया है.

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