उन्नाव रेप पीड़िता की सड़क दुर्घटना पर बोले एडीजी : रिपोर्ट आने के बाद करेंगे सीबीआई जांच की सिफारिश

रायबरेली: थाना माखी के पास उन्नाव रेप पीड़िता की कार दुर्घटना के मामले को लेकर सोमवार को लखनऊ जोन के एडीजी राजीव कृष्ण ने प्रेस कॉफ्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ट्रक के मालिक, चालक और क्लीनर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ही गाड़ियों की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए गए हैं।  जांच रिपोर्ट आने के बाद हम सीबीआई जांच की सिफारिश करेंगे।

ट्रक चालक, क्लीनर और ट्रक मालिक के मोबाइल की काल डिटेल निकलवा कर जांच की जा रही है। जेल में बंद उन्नाव रेप मामले के वादी महेश सिंह ने तहरीर दी है। जिस पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि पीड़िता का परिवार अगर चाहेगा तो सरकार इस मामले की सीबीआई जांच करवाने के लिए तैयार है।

लोकभवन में पत्रकारों से बाचतीच करते हुए एडीजी राजीव कृष्ण ने कहा है कि जिस कार का एक्सीडेंट हुआ है, उसमें सीबीआई जांच के दो गवाह थे, इसमें एक की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि रेप पीड़िता को 10 सुरक्षा कर्मी मिले हुए हैं।

पीड़िता दिल्ली में रहती है। पीड़िता की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक कार में जगह ना होने का हवाला देकर पीड़िता ने खुद सुरक्षाकर्मियों को साथ जाने से मना किया था। उन्होंने कहा कि ट्रक मालिक ने बताया है कि फाइनेंसर के डर से नंबर प्लेट पर ग्रीस लगाकर ट्रक चला रहा था।

एडीजी राजीव कृष्ण ने बताया कि पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक ट्रक नंबर UP-71-AT-8300 का मालिक  देवेंद्र किशोर पाल निवासी ललौली जिला फतेहपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। जबकि ट्रक ड्राइवर आशीष कुमार पाल पुत्र सूरजपाल निवासी अट्टी समदपुर, ललौली जिला फतेहपुर व ट्रक क्लीनर मोहन श्रीवास पुत्र सरवण निवासी पैलानी जिला बांदा उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। ट्रक 2018 माडल का है, जो 12 चक्के वाला है।

पुलिस को दिए बयान में ड्राइवर आशीष कुमार पाल ने बताया है कि बांदा में उसने रात 12 से 1 बजे के बीच 28000 रुपए से मोरंग खरीद कर ट्रक में भरा। जिसे रायबरेली में 37000 रुपए में सुबह करीब 10 बजे बेच दिया। जब वह खाली ट्रक लेकर 28 जुलाई को रायबरेली से फतेहपुर लौट रहा था, तो दोपहर 1 बजे के करीब विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार से हादसा हो गया दुर्घटना के समय तेज बारिश हो रही थी, जिससे ड्राइवर संतुलन नहीं बन सका, और कार से टकरा गया।

वहीं, ट्रक मालिक देवेंद्र पाल ने पुलिस को बयान दिया है कि वह समय पर किश्तों का भुगतान करने में असमर्थ था और बहुत बार फाइनेंसर उन्हें परेशान कर रहे थे। इस वजह से उसने ट्रक के सामने की साइड नंबर प्लेट पर कुछ ग्रीस पेंट कर दिया था

इस बीच लखनऊ से एफएसएल फॉरेंसिक टीम के एक्सपर्ट डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. रविकांत शर्मा और डॉ. प्रतिभा देर शाम रायबरेली पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर, क्लीनर और मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।

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