आईएएस-आईपीएस बता ठगी का केस दर्ज

गुजरात कॉडर का आईएएस बता नौकरी के नाम पर ठग रहे भाई-बहन

चिनहट कोतवाली में गुजरात कॉडर का आईएएस बता नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।

इंस्पेक्टर सचिन कुमार सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विकल्पखंड निवासी डॉ. आशुतोष मिश्रा ने डॉ. विवेक मिश्रा, उसकी बहन निधि मिश्रा व विधि मिश्रा पर खुद को आईएएस व आईपीएस अधिकारी बताते हुए नौकरी के नाम पर ठगने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी।

केस दर्ज करके जांच की जा रही है। अधिवक्ता का दावा है कि ठग भाई-बहन 150 से अधिक लोगों के 80 करोड़ रुपये हड़प चुके हैं और उन्होंने स्टिंग ऑपरेशन करके इस मामले का खुलासा किया है।

इंस्पेक्टर ने बताया कि आशुतोष की जून 2018 में पीजीआई स्थित एक होटल में डॉ. विवेक मिश्रा से मुलाकात हुई थी।

उसने खुद को वर्ष 2014 बैच का गुजरात कॉडर का आईपीएस अफसर बताते हुए वहां कोई भी काम कराने की बात कही थी। आशुतोष ने विवेक के बारे में पड़ताल की तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

पता चला कि वह फेसबुक व व्हाट्सएप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर नौकरी के नाम पर रुपये ऐंठता है तथा लड़कियों से चैटिंग करके उन्हें शादी का झांसा देकर ठगी करता है।

डॉ. आशुतोष का कहना है कि डॉ. विवेक अपनी बहन निधि और विधि को भी गुजरात कॉडर का आईपीएस व आईजी स्तर का अफसर बताती हैं।

उन्होंने फर्जीवाड़े का खुलासा करने के लिए अपने जूनियर वकीलों के साथ स्टिंग ऑपरेशन किया। खुद को नौकरी के लिए उम्मीदवार के रूप में पेश किया और डॉ. विवेक मिश्रा से पांच लाख रुपये में नौकरी की डील तय की।

उन्होंने लखनऊ व गुजरात में कथित आईएएस को कुल साढ़े चार लाख रुपये दिए। अक्तूबर 2018 में उन्हें गृह मंत्रालय गुजरात सरकार के जनसंपर्क अधिकारी के रूप में नियुक्तिपत्र मिला।

अप्रैल 2019 में स्पोर्ट्स कोटा के तहत डिप्टी एक और नियुक्तिपत्र दिया गया। दोनों नियुक्तिपत्र फर्जी पाए गए जिसके बाद अधिवक्ता ने केस दर्ज कराया।

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