आखिर मासूम का हत्यारा कौन?बेबस मजबूर माँ या प्रजातंत्र

ANA News

लखनऊ। जहां एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार आम जनमानस के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुए जो व्यक्ति निम्न वर्ग के हैं पैसों की कमी होने के कारण अधिकतर उनके परिवार जन बीमार व्यक्ति की दवा और इलाज नहीं करा पाते जिसके चलते परिणाम भी भारी साबित होते हैं इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया था जिसमें सर्वे के बाद में क्षेत्र से संबंधित गरीब वर्गों के लोगों के यह आयुष्मान कार्ड बनाए गए जिसके तहत गरीब बीमार लोगों की ₹500000 तक की मुफ्त दवा करने की बात कही जाती है पर जमीनी हकीकत तो कुछ और ही बयां करती है जी हां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद में रहने वाले एक ऐसे ही परिवार का आयुष्मान कार्ड न बन सका बताते चलें कि उस परिवार में एक नवजात बच्चे का जन्म हुआ जिसका 1 माह तक सीएम योगी के ही गृह जनपद में स्थित अस्पताल में इलाज हुआ उसके बाद वहां से उसे राजधानी लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया यहां पर 3 माह इलाज पीड़ित परिवार ने कराया गरीब होने की वजह से उन्होंने अपना सर्वस्व बेच डाला किंतु 3 माह बाद भी बच्चे को कोई राहत न मिली जब पीड़ित परिवार का सब कुछ बिक गया तो जिसे दुनिया ममता का मां का ममता का सागर कहती है जब उसे अब कोई रास्ता न दिखा तो उस ममता रूपी मां ने ही अपने बच्चे को मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर की चौथी मंजिल से अपने बच्चे को फेंक दिया

अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या वह मजबूर दुखियारी मां उस मासूम की हत्यारी है या फिर लोकतंत्र

आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

मंगलवार सुबह लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर की चौथी मंजिल से एक महिला ने अपने नवजात शिशु को नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद महिला अपने शिशु के गायब होने की बात करते हुए अपने पति राजन सिंह के साथ ट्रॉमा सेंटर के अधिकारियों से मिली

 

अधिकारियों ने खोज कराई तो शिशु का शव ट्रॉमा सेंटर के भूतल पर मिला। जब सीसीटीवी फुटेज की जांच हुई तो महिला की करतूत सामने आ गई जिसके बाद चौक थाने की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

 

गिरफ्तार होने के बाद शांति सिंह ने चौक पुलिस को बताया कि उसके शिशु का जन्म तीन माह पहले बाबा राघव दास मेडिकल कालेज गोरखपुर में हुआ था। इसके बाद शिशु को पीलिया हो गया तो वह उसका उपचार कराने के लिए लखनऊ के ट्रामा सेंटर आई थी।

 

मई से उसके शिशु का उपचार चल रहा था, जिससे वह तंग आ चुकी थी जिससे दुखी होकर उसने अपने शिशु को ट्रॉमा सेंटर की चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया। मां ने बताया कि जब उसने शिशु को फेंका तब उसके पति सो रहे थे।

 

वह शिशु को नीचे फेंकने के बाद पति के पास आई और उनसे शिशु के गायब होने की बात कही। इसके बाद वे अस्पताल प्रशासन से मिले। प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज देखा तो वह शिशु को ट्रॉमा सेंटर की चौथी मंजिल से फेंकती दिख गई।

 

इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। चौक थाना के प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह ने कहा कि महिला के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करके आगे की कार्यवाही की जाएगी। पति का बयान दर्ज करके सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिया गया है।

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