प्रदेश सरकार ने भी ‘राज्य स्मार्ट सिटी मिशन कार्यक्रम’ शुरू की करने का ऐलान किया

ANA News

केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने भी ‘राज्य स्मार्ट सिटी मिशन कार्यक्रम’ शुरू की करने की घोषणा करते हुए उन शहरों के लिए विकास का रास्ता खोल दिया है, जो शहर केन्द्र के कड़े मानकों के चलते स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर हो गए थे। इनमें अयोध्या, मथुरा, गोरखपुर, गाजियाबाद, मेरठ, फिरोजाबाद व शाहजहांपुर शामिल हैं।

राज्य स्तर से स्मार्ट सिटी बनने वाले इन शहरों के विकास पर खर्च होने वाली राशि राज्य सरकार अपने खजाने से देगी। इसके अलावा सरकार ने अमृत योजना से छूटे 22 जिलों के विकास पर भी फोकस किया है। इन जिलों के मुख्यालयों पर मॉडल पार्क बनाया जाएगा। सरकार ने अनुपूरक बजट में शहरों के विकास के लिए 2175.46 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।

दरअसल केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई स्मार्ट सिटी परियोजना में प्रदेश के सिर्फ 10 शहरों का ही चयन हो पाया था। जिसमें लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, झांसी, कानपुर नगर, आगरा, अलीगढ़, सहारनपुर, मुरादाबाद व बरेली शामिल हैं। जबकि सरकार की मंशा थी कि प्रदेश के सभी नगर निगम वाले शहरों को स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल कराया जाए, लेकिन केंद्र के कड़े मानकों की वजह से नगर निगम वाले सात शहर स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल होने से वंचित रह गए

इसके मद्देनजर सरकार ने अपने स्तर से इन शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का फैसला किया है। इसके लिए अनुपूरक बजट में प्रारंभिक कार्यों को शुरू करने के लिए 175 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इसी तरह अमृत योजना से वंचित रह गए 22 शहरों के विकास पर भी सरकार ने फोकस करते हुए धन की व्यवस्था की है। जिसमें से 22 जिलों के मुख्यालय पर मॉडल पार्क बनाने के लिए 60 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है।

माडल पार्क में पाथवे, बैठने के लिए बेंच, शौचालय, जिम, पेयजल, योग एवं बच्चों के खेलने के लिए क्रीड़ा क्षेत्र बनाया जाएगा। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में जल निकासी, सीवेरेज और पहले से चल रहे विकास कार्यों को पूर करने के लिए भी 100 करोड़ रुपये की सरकार ने व्यवस्था की है।

अनुपूरक बजट में किस काम के लिए कितना बजट

7 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 175 करोड़

सीवरेज व जल निकासी से संबंधित कार्यों के लिए 100 करोड़

निकायों की मदद के लिए 14वें वित्त आयोग से 971 करोड़

22 जिला मुख्यालयों पर माडल पार्क बनाने को 60 करोड़

कुंभ मेला के बकाया भुगतान के लिए 349 करोड़

आगरा  की पेयजल परियोजना के लिए 220 करोड़

जल निगम कर्मियों के बकाया भुगतान केलिए 300 करोड़

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