दबगों से परेशान दंपत्ति ने बच्चों के साथ विधानसभा के सामने किया आत्मदाह का प्रयास

ANA News

लखनऊ–लखनऊ के विधानसभा के उस समय हड़कंप मच गया जब सोमवार सुबह एक दंपत्ति अपने तीन बच्चों के साथ विधानभवन (लोकभावन) के सामने सामूहिक रूप से आत्मदाह करने पहुंच गया। इससे पहले दंपत्ति बच्चों के साथ अपने ऊपर तेल डालकर आग लगा पाता कि मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी शिवकुमारी, ललिता शर्मा, वंदना यादव, अमृता सिंह, सत्यभामा सिंह ने उन्हें दबोच लिया। दंपत्ति ने मिटटी का तेल लेकर विधानसभा की नई बिल्डिंग लोकभवन के सामने पहुंचा और उसने और उसके बच्चों ने अपने ऊपर तेल उड़ेल लिया। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर हजरतगंज कोतवाली की पुलिस पहुंची और पूरे परिवार को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गई। पुलिस दंपत्ति से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई कर रही है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सभासद के पति से परेशान परिवार ने विधानसभा के सामनेआत्मदाह का प्रयास किया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी पर सत्ता के दबाव में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। बाराबंकी की सभासद और उसका पति जमीनों पर कब्जा कर रहा है।

 

जानकारी के अनुसार, घटना हजरतगंज थाना क्षेत्र की है। यहां लाल कोठी लखपेड़ाबाग के रहने वाले मोहम्मद नसीर ने बताया कि पूरे मोती मजरे तहसील नवाबगंज के ग्राम प्रधान उर्मिला सिंह ने भूमि नंबर 371 पर 30 फुट चौड़ाई 25 फुट लंबाई में 25 जून 1997 में रसीद दिया था। तब से पीड़ित उस भूमि पर लकड़ी ,सोफा, कुर्सी का काम करता चला आ रहा था। 8 जून शाम 5:00 बजे प्रदीप मौर्य जो प्लॉटिंग की दलाली करता था। दुकान पर आकर ₹10000 साल की मांग करने लगा। आरोप है कि आरोपी ने कहा कि मेरी बीवी सभासद हो गई है। 11 जुलाई 2018 को पीड़ित की दुकान पर प्रदीप मौर्या, आमिर का बेटा हारून, कमल, विशाल चौबे, दुकान पर आए उस समय पीड़ित दुकान पर नहीं था। उसी समय दबंगों ने दुकान का सामान लूट लिया। पीड़ित ने आवास विकास चौकी पर सूचना दी पर पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। बल्कि पटेल सिपाही, मौर्य सिपाही ने रुपया लेकर पीड़ित की दुकान तोड़ दी। 14 नवंबर 2018 को मोहम्मद नसीर की पत्नी नाजिया बनों व तीन छोटे-छोटे बच्चे 13 साल की बेटी, 12 साल का लड़का और 10 साल का लड़के के साथ इन लोगों के खिलाफ धरना दिया। वहां पर अपर जिलाधिकारी आए और परिवार की हालत व रसीद को देखते हुए कहा कि आपको वही जगह दी जाएगी। आपका नुकसान भी दिया जाएगा और आपके बच्चे स्कूल भी जाएंगे।

 

पीड़ित ने बताया कि हम परिवार के साथ अपर जिलाधिकारी के पास 7 बार ऑफिस गए और तहसीलदार जितेंद्र कटिहार के पास 5 बार गए। किसी ने ना सुनी। उस बीच में आमिर का बेटा हारून, कमल, विशाल, प्रदीप मौर्या इन लोगों ने जय हिंद स्कूल वालों से रुपया 10 लाख रुपये लेकर जहां पीड़ित की दुकान थी। उस जगह की रसीद बनाकर नगर पालिका के अधिकारियों से मिलकर रसीद बनवा दिया और बेच दिया। आरोप है कि अधिकारियों को 5 लाख रुपये दिया। जबकि मोहम्मद नसीर के पास प्रधान द्वारा दी गई रसीद पहले से बनी हुई थी। यह दुकान रोड पर नहीं थी। लिखित में आज भी 12 मीटर रोड है। यह दुकान रोड से 14 मीटर छोड़कर थी।

 

यह जमीन ग्राम सभा ओवरी की थी जो आज भी 4 बीघा बंजर के रूप में दर्ज है। आज भी उस भूमि पर 10 लोग अवैध रूप से कब्जा करें हैं और आधा स्कूल भी उसी भूमि पर है। इन लोगों की नियत मोहम्मद नसीर की दुकान पर खराब हो गई तो सब कुछ छीन लिया। पीड़ित मोहम्मद नसीर की दुकान परिवार को इस तरह बर्बाद किया गया। पीड़ित का परिवार भुखमरी की कगार पर आ गया है। छोटे-छोटे बच्चों की फीस भी उसी की दुकान से जाती थी। लेकिन आज बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे।

 

पीड़ित ने 11 जुलाई 2018 से आज तक मुख्यमंत्री 20 बार रजिस्ट्री और 10 बार ऑनलाइन भी शिकायत की। 1076 पर 25 बार शिकायत की। लेकिन पीड़ित को न्याय नहीं मिला। मोहम्मद नसीर व पीड़ित परिवार का आज तक कोई मुआवजा अब जमीन नहीं दी गई। इसलिए पीड़ित परिवार के पास जीने का कोई जरिया नहीं है। भूख तंग हालात से परेशान होकर पीड़ित ने 6 जुलाई 2019 को मुख्यमंत्री आवास पर शाम 5:00 बजे चूहा मार दवा खाकर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की धमकी दी थी। फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके चलते आज पीड़ित परिवार विधानसभा पहुंचा

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