यूपी: सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मिले सीएम योगी, जमीन विवाद को लेकर हुई थी 10 लोगों की हत्या

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लखनऊ: सोनभद्र हत्याकांड के पांच दिन बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वारदात वाले गांव का दौरा किया और मृतकों के परिजनों के आंसू पोछें. सीएम ने सभी मृतकों के परिजनों से एक-एक करके बात की और उन्हें आश्वस्त किया कि हर संभव मदद की जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने इस नरसंहार में घायल हुए लोगों से भी मुलाकात की.

याद रहे कि सोनभद्र हत्याकांड को लेकर मुखर रहीं कांग्रेस की महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने सीएम योगी के सोनभद्र दौरे को लेकर कहा कि अपना फर्ज पहचानना अच्छा है.

सोनभद्र में सीएम योगी आदित्यनाथ के पहुंचने से पहले हंगामे की आशंका को देखते हुए सपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है. ज़िले के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा, जिला सचिव प्रमोद यादव, लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव मन्नू पाण्डेय समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया. सभी को कोतवाली में रखा गया है.

कल प्रियंका ने की थी पीड़ितों से मुलाका

पीड़ित परिवारों की सात महिलाओं सहित कुल 15 लोगों ने प्रियंका से मुलाकात की और इसके बाद कांग्रेस महासचिव वाराणसी के लिए रवाना हो गयीं. प्रियंका गांधी को सोनभद्र में हुए सामूहिक हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मिलने जाने के दौरान शुक्रवार को मिर्जापुर के अदलहाट क्षेत्र में प्रशासन ने रोककर अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत हिरासत में ले लिया था. बाद में उन्हें चुनार गेस्ट हाउस लाया गया था.

जमीनी विवाद में हुई थी 10 लोगों की मौत

गौरतलब है कि सोनभद्र के घोरावल थानाक्षेत्र के उम्भा-सपही गांव में 17 जुलाई को नरसंहार हुआ था. बीते बुधवार की दोपहर में सौ बीघा विवादित जमीन को लेकर गुर्जर और गोड़ बिरादरी में खूनी संघर्ष हो गया. इस दौरान फायरिंग के साथ जमकर लाठी-डंडे और फावड़े भी चले. इसमें 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हो गए थे. जिसके बाद जिले में धारा 144 लागू कर दी गई.

10 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी समिति

मामले के सुर्खियों में आने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्याय का वादा किया और कहा कि इस संबंध में उप मंडलीय अधिकारी समेत चार अफसरों को निलंबित किया गया है. आदित्यनाथ ने सदन में दिये गए बयान में कहा कि इसके अलावा ग्राम प्रधान यज्ञ दत्त और उसके भाई समेत 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) के नेतृत्व में एक समिति भी गठित की गई है जो 10 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी.

क्या है पूरा मामला

सोनभद्र में घोरावल थाना क्षेत्र के उधा गांव में ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने एक आईएएस अधिकारी से खरीदी गई 90 बीघा जमीन पर कब्जे के लिए बड़ी संख्या में अपने साथियों के साथ पहुंचकर जमीन जोतने की कोशिश की. विरोध करने पर उसकी तरफ के लोगों ने स्थानीय ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. इस वारदात में नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी. एक घायल ने बाद में दम तोड़ दिया. 28 अन्य जख्मी हो गए. प्रशासनिक अधिकारी गुरुवार शाम लगभग पांच बजे मृतकों के शव लेकर उभ्भा गांव पहुंचे. शवों को देखते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया. शवों को दफ़नाने के स्थान को लेकर प्रशासन एवं ग्रामीणों में विवाद की स्थिति पैदा हो गई. गांव वालों की मांग थी कि जहां गोली चली है, शवों को उसी ज़मीन में दफ़नाया जाए जबकि प्रशासन का कहना था कि परम्परागत स्थान पर ही दफ़नाया जाएगा. अंतत: देर रात मामले में गतिरोध समाप्त हो गया और अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनकी जिद छोड़ने के लिए मना लिया.

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