विपक्ष के हंगामा के कारण विधान परिषद कल 11 बजे तक स्थगित

ANA News

विधानमंडल के मॉनसून सत्र के पहले दिन गुरुवार को विधान परिषद की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटे सपा सदस्यों की नारेबाजी के और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बमुश्किल 20 मिनट चल पाई। शोरगुल और अव्यवस्था के कारण सभापति रमेश यादव ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी।सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के नरेश उत्तम ने कहा कि सोनभद्र में नरसंहार हुआ है। उनके इतना कहते ही लाल टोपियां लगाए सपा सदस्य हाथों में नारे लिखीं तख्तियां उठाये सभापति के आसन के सामने नारेबाजी करने लगे। वे सोनभद्र में हुए नरसंहार, संभल में सिपाहियों की हत्या और महिलाओं के खिलाफ आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार पर हमलावर थे। सपा सांसद मोहम्मद आजम खां पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग भी कर रहे थे। सपा सदस्यों को समझाने की कोशिश नाकाम होने पर सभापति ने सदन की कार्यवाही 11.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। 11.30 बजे सदन के स्थगन की अवधि को 12 बजे तक बढ़ाने की घोषणा की गई।दोपहर 12 बजे सभापति ने विधान परिषद के छह पूर्व सदस्यों-देवीदयाल शास्त्री, तनवीर हैदर उस्मानी, मधुबन सिंह, अनवार अहमद, हर प्रसाद तिवारी और डॉ.वाईडी सिंह के निधन की सूचनाएं दीं। सदन ने दो मिनट मौन रहकर दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सपा सदस्य फिर सभापति के आसन के सामने आकर कानून व्यवस्था के मुद्दे पर नारेबाजी करने लगे। इस पर सभापति ने सदन की कार्यवाही गुरुवार तक स्थगित कर दी।सपा-बसपा गठबंधन टूटने का असर भी सदन में हंगामे के दौरान दिखा। सपा सदस्यों की नारेबाजी से बसपा सदस्यों ने दूरी बनाये रखी। सभापति के आसन के सामने आने की बजाय वे सिर्फ अपने स्थान पर खड़े रहे। कांग्रेस के सदस्य भी अपने स्थान पर खड़े रहे।सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले बहराइच के सपा एमएलसी मोहम्मद इमलाक खां विधान परिषद में नेता विरोधी दल अहमद हसन के कक्ष में बेहोश गए। वह मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीज हैं। सचिवालय डिस्पेंसरी के डॉक्टरों ने उनका इलाज किया।

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