प्रयागराज: आशीर्वाद के लिए झुकते ही पिता ने कर दिया बेटी का क़त्ल, लव मैरिज से था नाराज़

ANA News

प्रयागराज के नुमाया डाही गांव की रहने वाली उन्नीस साल की मीनाक्षी चौरसिया अब इस दुनिया में नहीं है. मुम्बई के घाट कोपर इलाके में तीन दिन पहले चापड़ व चाकुओं से ताबड़तोड़ हमले कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया. मुंबई पुलिस ने गर्भवती मीनाक्षी के क़त्ल का खुलासा करने का दावा करते हुए इसे आनर किलिंग बताया है और क़त्ल के आरोप में उसके पिता राजकुमार को जेल भेज दिया है.

दरअसल मीनाक्षी अपने पड़ोस में रहने वाले बृजेश नाम के युवक से फ्रेम करती थी. दोनों एक ही जाति के थे, लेकिन इसके बावजूद मीनाक्षी के परिवार वाले उसकी शादी बृजेश से करने को तैयार नहीं थे. परिवार वालों ने इसी वजह से दसवीं के बाद ही उसकी पढ़ाई बंद करा दी थी और उसे घर से बाहर भी नहीं निकलने दिया जाता था. मीनाक्षी ने जब इन बंदिशों का विरोध किया तो परिवार वालों ने उसकी शादी तय कर दी. जल्दबाजी में कोई अच्छा लड़का नहीं मिला तो करीब दोगुनी उम्र से बड़े युवक से उसका ब्याह तय कर दिया गया. इसी साल नौ मार्च को मीनाक्षी की शादी तय कर दी गई, लेकिन शादी से सिर्फ दो हफ्ते पहले मीनाक्षी अपने प्यार को पाने के लिए घर छोड़कर बृजेश के साथ चली गई

दोनों ने मध्य प्रदेश के सतना में शादी कर ली और कुछ दिनों बाद मुम्बई के घाट कोपर इलाके में जाकर अपनी अलग दुनिया बसा ली. बृजेश के घर वाले तो मीनाक्षी को बहू मान बैठे, लेकिन राजकुमार व उसके परिवार के डर की वजह से उन्हें गांव बुलाने की हिम्मत नहीं जुटा सके. मीनाक्षी के पिता राजकुमार व परिवार के दूसरे लोग बेटी के फैसले को मंजूर करने के बजाय इसे अपनी इज़्ज़त से जोड़ बैठे और झूठी शान की खातिर उसे मौत के घाट उतारने की साजिश रचने लगे. मीनाक्षी ने कई बार अपने पिता व मां को फोन कर अपनाने की गुहार लगाई, लेकिन परिवार वालों का दिल नहीं पसीजा.

इस बीच मीनाक्षी के पिता राजकुमार को उसके गर्भवती होने की बात पता चली तो वह बेटों के साथ मुम्बई चला गया. यहां उसने मीनाक्षी को फोन कर उसे अपनाने की बात कहते हुए आशीर्वाद देने की इच्छा जताई. मासूम मीनाक्षी पिता राजकुमार के इस धोखे को समझ नहीं सकी और पति बृजेश का इंतजार किये बिना ही पिता से मिलने चली गई. मिली जानकारी के मुताबिक़ करीब पांच महीने बाद पिता को देखकर मीनाक्षी काफी भावुक हो गई. वह आशीर्वाद लेने के लिए जैसे ही पिता राजकुमार के पैरों की तरफ झुकी, उसने चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया.

क़त्ल की इस वारदात को रविवार 14 जुलाई को अंजाम दिया गया. वारदात के अगले दिन पुलिस ने पहले मीनाक्षी के पति बृजेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो पिता राजकुमार ने भी उसी पर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की अपील की. पति बृजेश से कोई क्लू नहीं मिला और पिता राजकुमार की गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो पुलिस ने आनर किलिंग के एंगल पर छानबीन करते हुए सख्ती की. पुलिस की सख्ती के बाद पिता राजकुमार ने पुलिस के सामने पूरा सच उगल दिया और इज़्ज़त की खातिर धोखे से बेटी के क़त्ल की बात कबूल कर ली. पुलिस ने मंगलवार को उसे जेल भेज दिया.

मीनाक्षी के क़त्ल और पिता राजकुमार के जेल जाने के बाद से प्रयागराज में उनके गांव नुमाया डाही में मातम पसरा हुआ है. हर कोई गांव की बेटी के क़त्ल पर दुखी भी है और हैरान भी. मीनाक्षी की मां संगीता और छोटे भाई को उसकी मौत का कोई अफ़सोस नहीं है. दोनों का कहना है कि जिस मीनाक्षी ने उनकी इज़्ज़त की परवाह नहीं की उसके क़त्ल का उन्हें कोई ग़म नहीं है.

मीनाक्षी की मां संगीता के मुताबिक़ अपनी पसंद के लड़के से शादी करने के बाद बेटी से उन्होंने हमेशा के लिए सभी तरह के रिश्ते तोड़ लिए थे. मीनाक्षी के पड़ोसियों का भी कहना है कि उसके घर छोड़ने के बाद से पिता राजकुमार एकदम बौखलाया हुआ था और सभी से बेटी को क़त्ल कर देने की बात कहता था. कुछ पड़ोसी राजकुमार के इस कदम से इत्तेफाक नहीं रखते जबकि दकियानूसी सोच के कुछ लोग उसके फैसले को सही मान रहे हैं. मीनाक्षी के परिवार को भले ही उसकी मौत का कोई ग़म न हो, लेकिन गांव में ही उसकी ससुराल के घर में मातम पसरा हुआ है. पति बृजेश अभी मुंबई में ही है, लेकिन उसके बूढ़े माता पिता ने बहू मीनाक्षी के क़त्ल की खबर सुनने के बाद से खाना नहीं खाया है.

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