छेड़छाड़ का विरोध करने पर लखनऊ मेट्रो में कार्यरत महिला को नौकरी से निकाला

लखनऊ। लखनऊ मेट्रो में कार्यरत एक महिला कर्मचारी के साथ छेड़छाड़ की गई। विरोध करने पर महिला को नौकरी से निकाल दिया गया। महिला का आरोप है कि उसने अपने साथ हुई छेड़छाड़ की शिकायत आलमबाग थाना और नाका थाना पुलिस से की लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि नाका थाना पुलिस ने काम दिलाया लेकिन एक महीने बाद 9 अक्टूबर को उसे नौकरी से निकाल दिया गया।

जानकारी अनुसार राजमति देवी लखनऊ मेटो में हाउस कीपर के पद पर तैनात थी। महिला ने बताया कि वह मेटो में डेढ. साल से काम कर रही है। इसके पहले वह आलमबाग बस अड्डे पर तैनात थी। जहां प्रदीप नाम के साथी कर्मचारी ने उसके साथ छेड़छाड़ की। अधिकारियों से शिकायत करने पर उन्होंने आलमबाग थाना पुलिस से शिकायत करने को कहा। आरोप है कि थाने से एक दारोगा आया और उसने चारबाग थाने पर बुलाया। चारबाग थाने पहुंचने आरोपियों ने फिर से छेड़छाड़ की। जिसकी शिकायत लेकर नाका थाने गई। लेकिन वहां भी कार्रवाई नहीं हुई। नाका थाना के दारोगा ने कहा कि हम तुम्हे काम दिलाएंगे।

उन्होंने आलमबाग थाने में ही काम दिला दिया। लेकिन एक महीना काम करने के बाद 9 अक्टूबर को मुझे नौकरी से निकाल दिया गया। पीड़ित महिला ने कहा, मैं पूरी जिम्मेदारी से काम कर रही थी लेकिन बिना कारण बताए नौकरी से हटा दिया गया। महिला ने महिला ने चारबाग में तैनात जेई एमपी सिंह और आलमबाग बस अड्डे के कर्मचारी प्रदीप और सुपरवाइजर अरुण पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि छेड़छाड़ का विरोध करने पर जेई हाउस कीपिंग एमपी सिंह ने काम से निकाल दिया। पीड़िता की मांग है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ उसे नौकरी दी जाए।

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